जय शाह के मसले पर RSS ने कहा- अगर मामला बनता है तो जांच होनी चाहिए

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भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह पर लग रहे आरोपों पर पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से बयान आया है. संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि अगर प्रथम दृष्टया कोई मामला बनता हो तो जांच होनी चाहिए. होसबोले का ये बयान भोपाल में संघ की बैठक से इतर सामने आया है. इस मामले को लेकर कांग्रेस बीजेपी को लगातार घेर रही है.

जय शाह की कंपनी का टर्नओवर एक ही साल में 50,000 से बढ़कर 80 करोड़ हो गया. बीजेपी ने इस मामले में किसी भी गड़बड़ी से इनकार किया है. वहीं जय शाह की ओर से वेबसाइट पर 100 करोड़ रुपये की मानहानि का केस किया जा रहा है.

आज इस मुद्दे पर जब दत्तात्रेय होसबोले से सवाल किया गया तो उनका जवाब था कि ‘किसी पर भी भ्रष्टाचार के जो आरोप होते हैं, उसपर जो आवश्यक जांच है, वो हो. उस हिसाब से जो कार्रवाई होती है, वो हो’ दत्तात्रेय ने आगे कहा कि और आरोप प्रथमदष्टया सिद्ध होने के बाद ही जांच कर सकते हैं.’

जब होसबोले से कहा गया कि इस मामले की तो जांच करने से भी मना कर दिया गया है तो उनका जवाब था कि जांच करने के लिए भी प्रथमदृष्टया सबूत होने चाहिए. जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें नहीं लगता कि प्रथमदृष्टया मामला बनता है तो उन्होंने कहा कि ये आरोप लगाने वाले सिद्ध करें

और किन मुद्दों पर बोले होसबोले –

दत्तात्रेय ने कहा कि जो विचारधारा में हमसे हार गए हैं, वो केरल में हमारे ऊपर हमला कर रहे हैं. भोपाल में चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि देश अभी नाज़ुक हालत से गुज़र रहा है. लोकतंत्र में बहस होना काफी जरूरी है.

उन्होंने कहा कि संघ प्रमुख की दशहरा स्पीच हमारी पॉलिसी स्टेटमेंट है. हमारी इस पॉलिसी पर हमें अच्छा फीडबैक मिला है. होसबोले बोले कि देश गंभीर हालत से गुजर रहा है, इसलिए यह जरूरी है कि लोग अपने विचार रखें. उन्होंने संघ की जानकारी देते हुए कहा कि एक साल में करीब 30470 की दैनिक शाखा और 15423 की साप्ताहिक शाखा लगाई जा रही हैं.

उन्होंने बताया कि हमनें वेबसाइट पर RSS से जुड़ने के लिए कैंपेन चलाया है, अभी तक 71800 लोगों ने हमारे साथ जुड़ने की इच्छा जताई है. ये पिछले साल के मुकाबले 52 फीसदी ज्यादा है.

इस बैठक में देश के विभिन्न क्षेत्रों में संघ कार्यकर्ताओं के कामकाज की समीक्षा करने के अलावा शिक्षा में मातृभाषा के प्रयोग, संस्कृति संरक्षण, हिन्दुत्व, आदिवासी कल्याण, जैविक खेती, युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार तथा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी.

इस बैठक में देशभर के 11 क्षेत्रों और 42 प्रांतों से लगभग 300 प्रतिनिधियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है. इस बैठक में संघ की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श होगा और बीते छह माह में संघ के काम का कितना विस्तार हुआ है, इस संदर्भ में प्रांत के अधिकारी ब्यौरा देंगे. बैठक से पहले भाजपा के संगठन महामंत्री रामलाल ने सरसंघचालक मोहन भागवत से भेंट की है.

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