बहिष्कार के निर्णय पर बार में विरोध, तीन पूर्व अध्यक्षों ने एसोसिएशन को गलत बताया

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इंदौर .हाई कोर्ट बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी द्वारा गुरुवार को जस्टिस वीरेंदर सिंह की कोर्ट के एक दिनी बहिष्कार का निर्णय लिया गया था। शुक्रवार को एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और अन्य वकीलों ने ही इस निर्णय का विरोध कर दिया। कार्यकारिणी द्वारा बाले-बाले निर्णय लेने का आरोप भी लगाया। एक धड़े ने घोषणा भी कर दी है कि 14 नवंबर को उनकी कोर्ट में पैरवी करने जाएंगे। एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अजय बागड़िया, प्रदीप गुप्ता व एक अन्य ने मौजूदा कार्यकारिणी के फैसले को गलत बताया है। बहिष्कार की घोषणा वाले दिन वकील पैरवी करने जाएंगे। इसे लेकर शुक्रवार को हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। 50 से ज्यादा वकीलों ने इस पर हस्ताक्षर भी किए।

सबके अलग-अलग तर्क
– पूर्व अध्यक्ष अजय बागड़िया- हम निर्णय के खिलाफ हैं। 14 को जस्टिस सिंह की कोर्ट में पैरवी करेंगे। उन पर खराब व्यवहार का आरोप गलत है। यदि ऐसा है भी तो एजीएम में मामला जाना चाहिए। उदाहरण प्रस्तुत किए जाना चाहिए।
– पूर्व अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता- निर्णय कार्यकारिणी को लेने का अधिकार नहीं है। वकीलों पर थोपा गया निर्णय है, जिसे बिलकुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपने हित के लिए यह निर्णय लिया गया है।

– मौजूदा अध्यक्ष अनिल ओझा- एजीएम में मामला लेकर जाते तो बखेड़ा खड़ा हो जाता। वकीलों से मिली शिकायत के बाद ही कार्यकारिणी में इसे रखा गया था। कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया। वैसे भी कार्यकारिणी सदस्यों की प्रतिनिधि होती है।
– मौजूदा सचिव मनीष यादव- न केवल इंदौर, बल्कि आसपास के जिलों से भी कार्यकारिणी के निर्णय का स्वागत किया गया है। इस तरह के मामले पूर्व में भी कार्यकारिणी के समक्ष ही रखे गए थे। वकीलों के हित में निर्णय है।

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